कलाम के आदर्शों से सशक्त बनेगा भारत: मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र
जौनपुर। मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज, जौनपुर के सौदागर हॉल में भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर ‘उड़ान कलाम मंच’ के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने की।
प्राचार्य ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अपने संबोधन में डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, दूरदर्शिता और अथक परिश्रम से भारत को रक्षा एवं मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ ही विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले। डॉ. कलाम का जीवन इस बात का प्रमाण है कि ज्ञान, साधना, सादगी और राष्ट्र के प्रति समर्पण से असंभव दिखने वाले लक्ष्यों को भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सदैव डॉ. कलाम के योगदान और आदर्शों के प्रति कृतज्ञ रहेगा तथा उनके सपनों के आत्मनिर्भर, विकसित और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ता रहेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डॉ. कलाम के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें, बड़े सपने देखें, वैज्ञानिक सोच विकसित करें और अपने ज्ञान एवं प्रतिभा का उपयोग देश तथा समाज की उन्नति में करें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत की दिशा और दशा तय करेंगे, इसलिए उनमें शिक्षा, नवाचार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का विकास आवश्यक है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन संघर्ष से सफलता, सादगी से महानता और ज्ञान से राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणादायी मिसाल है। उनका व्यक्तित्व प्रत्येक विद्यार्थी को विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने और निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटकों एवं डॉ. कलाम के जीवन पर आधारित प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों, राष्ट्रप्रेम और शिक्षा के प्रति समर्पण को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर करने के साथ ही युवाओं में देशप्रेम, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण की भावना का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संयुक्त संचालन अहमद अब्बास खान एवं शादॉं जबीं ने किया। इस मौके पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर विशाल सिंह, डॉ. शहनवाज खान, डॉ. कमरुद्दीन शेख, डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. सतीश दुबे, डॉ. प्रज्वलित यादव, डॉ. शाहिदा परवीन, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. प्रेमलता गिरी, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. अनुराग, डॉ. अब्दुल हलीम हाशमी, एकता यादव, संतोष सिंह, प्रवीण यादव, फरहीन, उमरा, तकरीम, फ़ज़ल, अलमीना, इल्यास, मेहंदी, दिवाकर, अंकित एवं अदिति सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। ‘उड़ान कलाम मंच’ ने विद्यार्थियों को यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि सपनों को साकार करने के लिए ज्ञान, अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प आवश्यक हैं। डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाकर शिक्षित, आत्मनिर्भर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

