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» »Unlabelled » महिलाओं के हक़ के लिये आवाज़ उठाती रहूंगी:गार्गी सिंह।Don News Express


🚩जय हिन्द🚩    #अन्तर्राष्ट्रीय_महिला_दिवस

👉.."आप सभी बहनों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की अनन्त बधाई एवं शुभकामनाएं"

हमारे समाज में कुछ महिलाओं के जीवन को महसूस करने मात्र से अंतरात्मा से एक आवाज़ सुनाई देती है कि क्या इनके जीवन में सुधार किया जाना सम्भव है, यदि है तो किस प्रकार से ..??

महिलाओं को पारिवारिक जीवन के परिणयसूत्र में बन्धवाने वाले मध्यस्त्त, परिजन एवं विवाह में सरीक हो भोजन ग्रहण कर गवाह बनने वाला समाज कुछ लड़कीयों के विवाहोपरांत ससुराल पक्ष द्वारा दी गई प्रथम दिन से यातनाओं के संघर्ष में साथ क्यू नहीं दिखते जबकि एक अच्छी भली बच्ची को किसी गलत व्यक्ति परिवार विशेष में फ़सा कर उसकी संघर्षपूर्ण जीवन के लिए पूर्णतः जिम्मेदार सभी होते हैं..!!

जिस नर्क के समान जीवन को बहुत सी वह नादान बहनें मान सम्मान बनाए रखने के लिए किसी से कुछ न कहकर अकेली सहती जीवन की उन खुशियों से महरूम रह जाती है जिसको पाने व उपभोग करने के लिए उनके पास स्वयं की प्राकृतिक जन्मजात काबिलियत एवं विवाह से पूर्व प्राप्त योग्यता है फ़िर भी पूरा जीवन किसी गलत व्यक्ति की न चाहते सहयोगी बन संघर्ष करती खुद को अंधेरे रास्ते से होते हुए अपने बहुमूल्य जीवन का अन्त स्वीकार करती है..!!

दूसरी तरफ़ जब यह महिलाएं बगावत करती कोर्ट के दरवाज़े पर दस्तक देती हैं तो भी उन्हें उक्त परिणयसूत्र से मुक्त होने में इतना समय बीत जाता है कि वह अपने नए सुनहरे भविष्य की कामना नहीं कर सकती क्योंकि एक लड़की की मां बनने की क्षमता कुछ गिनती के वर्ष तक ही होती है। अतः वह अपना नया परिवार बना पाने में असमर्थ होती न्याय के बाद भी न्याय नहीं प्राप्त करती है..!!

समाज की खोखले इकतरफा महिलाओं के संस्कार को पूजते करुण वेदना के द्वारा प्राकृतिक श्रापित मध्यस्थ, परिजन, गवाह समाज अपने कर्मों की सजा को निश्चित ही प्राप्त करते हैं पर सुधरते नहीं अर्थात किसी भी लड़की को संघर्षरत देख मदद न कर उसके दुख से आनंदित हो मनोरंजन करते पीड़ित महिला को मानसिक रूप से कमज़ोर करते दिखते हैं..!!

महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर एक निश्चित कम समय अवधि के अंदर न्याय होना चाहिए एवं समाज में महिलाओं के प्रति विकृत मानसिकता उपभोग की वस्तु समझने वालों की बढ़ती तादाद को मद्देनजर रखते विवाहोपरांत डेढ़ से दो वर्ष तक ससुराल में महिला की जीवनशैली व मानसिक स्थिति पर जांच रिपोर्ट तैयार करने की अनिवार्यता होनी चाहिए..!!

धन्य हैं यह स्वार्थी पुरुषों के साथ चलती महिलाएं मैं इनके संघर्षरत हौसले को नमन करती हूं..!!
                                 ⭐डॉ गार्गी सिंह⭐



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